ग्लेन मैक्सवेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से किया संन्यास, जीते 3 वर्ल्ड कप

ग्लेन मैक्सवेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से किया संन्यास, जीते 3 वर्ल्ड कप

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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का एलान किया है। वह पहले ही वनडे क्रिकेट से संन्यास ले चुके थे, अब उन्होंने टी20 और टेस्ट क्रिकेट से भी विदा ले ली है। मैक्सवेल के इस फैसले के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया है। हालांकि, वे टी20 फ्रेंचाइजी लीग्स में खेलना जारी रखेंगे।

ग्लेन मैक्सवेल का क्रिकेट करियर

मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से कई यादगार पलों को जन्म दिया है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में वानखेड़े स्टेडियम पर अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी नाबाद 201 रन की पारी को वनडे इतिहास की श्रेष्ठ पारियों में गिना जाता है। गंभीर पैर क्रैंप के बावजूद उन्होंने केवल पैरों की चाल से छक्के मारे और ऑस्ट्रेलिया को 7 विकेट पर 91 रन रहते जीत दिलाई थी। यह वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक था जो छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए बना।

किसी और ने केवल 40 गेंदों में वनडे वर्ल्ड कप में शतक लगाया, वह भी 2023 में नीदरलैंड्स के खिलाफ मैक्सवेल ही थे। यह सबसे तेज शतक था, जिसे वनडे इतिहास में दर्ज किया गया।

टी20 और टेस्ट में मैक्सवेल का दबदबा

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैक्सवेल ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर कई मुकाम हासिल किए। उनके नाम टी20आई में 5 शतक दर्ज हैं, जिनमें श्रीलंका के खिलाफ पालिकेले मैदान पर अनकैप्ड 145 रन की पारी शामिल है। उनका बल्लेबाजी स्टाइल 360 डिग्री शॉट और रिवर्स स्वीप जैसे अभिनव शॉट्स के कारण खास रहा। वे ऑस्ट्रेलिया की 2015 और 2023 के वनडे वर्ल्ड कप विजेता टीम के साथ-साथ 2021 के टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का भी अहम हिस्सा थे।

अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने वनडे में 149 मैच खेले और 3895 रन बनाए। उनके बल्ले से 4 शतक और 23 अर्धशतक निकले। गेंदबाजी में भी मैक्सवेल ने 77 विकेट लिए। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 110 से अधिक मैच खेले और 2600 से ज्यादा रन बनाए। साथ ही उन्होंने 44 विकेट भी लिए।

टेस्ट क्रिकेट में उनका करियर छोटा लेकिन यादगार रहा। उन्होंने सिर्फ 7 टेस्ट मैच खेले और 339 रन बनाए। इनमें भारत के खिलाफ रांची में लगाया गया उनका 104 रनों का शतक खास है। उन्होंने टेस्ट में 8 विकेट भी लिए।

मैक्सवेल का संन्यास क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ा झटका है। उनके बिना ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए खेलना अब चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि, वे टी20 फ्रेंचाइजी लीग्स में अपना प्रभाव जमाएंगे।

ग्लेन मैक्सवेल ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार स्पिन गेंदबाजी के कारण क्रिकेट प्रेमियों के दिल में अलग जगह बनाई। उनके शानदार और यादगार प्रदर्शन हमेशा याद किए जाएंगे। उनका संन्यास क्रिकेट जगत के लिए एक नया दौर लेकर आता है।

अब क्रिकेट के प्रशंसकों की नजरें इस बात पर होंगी कि मैक्सवेल का करियर खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम में कौन इस खाली पोजीशन को संभालेगा। मैक्सवेल ने जो मानदंड स्थापित किए हैं, उन्हें बनाए रखना आसान नहीं होगा।

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KPN News
Author: KPN News

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