नई दिल्ली, दिल्ली
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों की अब जांच हो रही है। उन्होंने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली सरकार में किए गए कामों का हिसाब अब सामने आ रहा है।
मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली विधानसभा में पिछली सरकार से जुड़े नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की रिपोर्टों पर चर्चा और कार्रवाई का मुद्दा लगातार उठ रहा है। अगस्त 2026 तक दिल्ली विधानसभा में 19 CAG रिपोर्टें पेश की जा चुकी हैं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के अनुसार इन रिपोर्टों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
क्या बोलीं रेखा गुप्ता?
रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार के दौरान विभिन्न विभागों में कथित अनियमितताएं हुईं और अब उन मामलों की जांच आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार CAG रिपोर्टों के आधार पर जवाबदेही तय करने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सत्येंद्र जैन का जिक्र करते हुए दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित मामले को लेकर पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे पिछली सरकार के कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए कहा कि पुराने फैसलों और कामकाज के परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
हालांकि, सत्येंद्र जैन के संबंध में उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक उन्हें मई 2022 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था और बाद में वह जमानत पर बाहर आए। इसलिए मुख्यमंत्री के बयान को राजनीतिक आरोप के रूप में ही रिपोर्ट किया जाना चाहिए, जब तक किसी मामले में अदालत या जांच एजेंसी की अंतिम पुष्टि न हो।
CAG रिपोर्टों पर सरकार की कार्रवाई
दिल्ली सरकार का कहना है कि पिछली सरकार के कामकाज से जुड़ी CAG रिपोर्टों को विधानसभा में प्रस्तुत करने के बाद संबंधित विभागों से Action Taken Report मांगी जा रही है। अगस्त में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि 19 रिपोर्टें सदन में रखी जा चुकी हैं और इन पर समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है।
इससे पहले CAG की अलग-अलग रिपोर्टों में दिल्ली की आबकारी नीति, मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों को लेकर गंभीर टिप्पणियां सामने आई थीं।
मुख्यमंत्री के ताजा आरोपों से दिल्ली में भाजपा और AAP के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और CAG रिपोर्टों पर सरकार के अगले कदम महत्वपूर्ण रहेंगे।










