DU छात्रा की शिकायत से 30 करोड़ का साइबर फ्रॉड पकड़ा, 7 गिरफ्तार

DU छात्रा की शिकायत से 30 करोड़ का साइबर फ्रॉड पकड़ा, 7 गिरफ्तार

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नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा की शिकायत के साथ शुरू हुई जांच में पुलिस ने 30 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर स्कैम का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस केस में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे कई बैंकिंग दस्तावेज, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए हैं। यह मामला ग्रेटर नोएडा और कानपुर से जुड़ा हुआ है।

छात्रा की शिकायत से जांच शुरू

रामजस कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने साइबर पुलिस को बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर “काव्या कुर्ती हब” नाम के एक अकाउंट से कुर्ती खरीदने का प्रयास किया। 799 रुपये के ऑर्डर के लिए 400 रुपये एडवांस भेजे पर बाद में डिलिवरी और रिफंड के झांसे में 6,450 रुपये तक ले लिए गए। न तो कुर्ती मिली और न पैसा वापस। इस पर 4 सितंबर को एफआईआर दर्ज कराई गई।

पुलिस ने इसके बाद 200 मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों की जांच शुरू की। बैंक लेनदेन एवं डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल से इस नेटवर्क का पता चला। 16 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा से छह आरोपियों को और 21 अक्टूबर को कानपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

ठगी का बड़ा नेटवर्क और गिरफ्तारियां

पकड़े गए आरोपियों में आदित्य मिश्रा, आयुष वर्मा, अभिषेक पाल, हिमांशु राणा, राहुल कुमार, गौरव पांडे और उदित प्रताप सिंह भदौरिया शामिल हैं। ये लोग फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलते और उनकी सूचना साइबर ठगों को कमीशन पर देते थे। जांच में यह भी पता चला कि कुछ को महीने में 25 हजार रुपये तक का कमीशन मिलता था।

गौरव पांडे, जो MBA पास हैं, मुख्य कड़ी माने जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 20 मोबाइल, 45 सिम कार्ड, 39 पीओएस मशीन, 33 डेबिट कार्ड, 28 चेकबुक, 15 स्कैनर, दो लैपटॉप तथा बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए हैं। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

एक अलग मामले में, शाहदरा साइबर थाना ने कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया है। उस पर एक महिला से कम ब्याज दर पर लोन दिलाने के नाम पर 29,500 रुपये ठगने का आरोप है। आरोपी का मोबाइल नंबर कापसहेड़ा में सक्रिय मिला है। जांच में पता चला कि आरोपी पिछले कुछ समय में नौकरी छोड़ चुका था और अब फर्जी लोन के नाम पर ठगी कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, इस बड़े साइबर फ्रॉड से जुड़े 27 शिकायतें देश के अलग-अलग हिस्सों से मिली हैं, जो इस नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाती हैं। जालसाजों ने इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ग्राहकों को फर्जी उत्पाद देकर ठगी की।

इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन खरीदारी करते समय सावधान रहने की जरूरत है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उचित रिसर्च करें और केवल विश्वसनीय विक्रेताओं से ही खरीदारी करें।

खास बात यह है कि एक छोटी सी शिकायत ने पुलिस को एक बड़े साइबर नेटवर्क तक ले गया, जो करोड़ों रुपये की ठगी में लिप्त था। इससे यह पता चलता है कि शिकायत करना और सतर्क रहना कितना जरूरी है। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई जारी रखी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की खोज कर रही है।

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KPN News
Author: KPN News

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