चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के साथ-साथ ओडिशा में भी भारी चिंता बढ़ा दी है। शनिवार से ओडिशा में तेज बारिश हो रही है, जिससे फ्लैश फ्लड का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने बताया कि ओडिशा में अचानक बाढ़ की स्थिति पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी बारिश के कारण और गंभीर हो सकती है।
फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ा
ओडिशा के Disaster Management मंत्री सुरेश पुजारी ने चेताया है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में जब भारी बारिश होती है, तो नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसका प्रभाव ओडिशा के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों पर पड़ता है, जिससे अचानक बाढ़ आ सकती है। तेज बारिश के कारण नदियों का पानी निचले क्षेत्रों जैसे गांवों, खेतों और सड़कों तक पहुंचकर नुकसान कर सकता है।
राज्य में कई नदियां पड़ोसी राज्यों से होकर गुजरती हैं, इसलिए वहां बारिश न हो भी तो ऊपरी इलाकों से पानी लगातार आता रहता है। ऐसे में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा भौतिक और सामाजिक दोनों प्रकार से बढ़ जाता है।
ओडिशा के प्रभावित जिले और तैयारी
मौसम विभाग ने पुरी, गजपति, गंजाम, रायगढ़, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक और खुर्दा सहित 16 जिलों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश के लिए येलो अलर्ट दी गई है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन का भी खतरा बना हुआ है।
ओडिशा सरकार ने खतरों को देखते हुए निचले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों से करीब 48 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। गजपति और नबरंगपुर से 11-11 हजार लोगों को निकालने का लक्ष्य रखा गया है। अन्य प्रभावित जिलों मलकानगिरि, गंजाम, कोरापुट, रायगढ़, कालाहांडी और नुआपाड़ा से भी निकासी जारी है।
राज्य में कुल 135 स्थायी और लगभग 1600 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों को रखा जाएगा। राहत और बचाव के लिए 294 टीमें तैनात हैं, जिनमें 9 NDRF, 60 राज्य आपदा मोचन बल और 225 अग्निशमन दल की टीमें शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी सतर्कता
अर्नब तूफान के चलते झारखंड के कई जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। राज्य की राजधानी रांची में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम स्तर के अचानक बाढ़ आने का खतरा जताया है। प्रशासन सभी प्रभावित इलाकों में नदियों के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
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